ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
कार्मिक आकलन केंद्र (पीईएसीई) की स्थापना नवंबर 1995 में डीआरडीओ की स्व-उत्तरदायी इकाई के रुप में हुई थी। इसकी उत्पत्ति दिसंबर, 1994 में ही हो गई थी, जब डीआरडीओ मुख्यालय में सीमित लोच अभ्यर्थना प्रणाली के तहत संगठन के वैज्ञानिकों तथा तकनीकी स्टाफ के लिए प्रोन्नति नीति बनाने के लिए इंप्लीमेंटेशन सेल नाम से एक छोटा प्रकोष्ठ गठित किया गया। इंप्लीमेंटेशन सेल ने इन कर्मचारियों के लिए प्रोन्नति नीति के सूत्रीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की और नीति एसआरओ 177 में अधिसूचित की गई जो 26 अगस्त, 1995 से प्रभावी है। जल्द ही, दिनांक 16 नवंबर 1995 को परिचालन नीति के क्रियान्वयन के लिए कार्मिक आकलन केंद्र (पीईएसीई) ने कार्य करना शुरू कर दिया। केंद्र ने डीआरडीओ के योग्य वैज्ञानिकों तथा तकनीकी कर्मचारियों के प्रोन्नति के लिए आकलन करवाया।
उपलब्धि
- डीआरटीसी के तहत आकलन, वरिष्ठता और भर्ती नीति पर व्यापक दिशा-निर्देश का सूत्रीकरण।
- डीटीआरसी ढांचे में सभी डीआरडीओ प्रयोगशालाओं में कार्य कर रहे एसएंडटी कर्मचारियों की संयुक्त वरिष्ठता सूची को प्रयोगशाला-वार/क्षेत्र-वार के रखरखाव के लिए बड़ी संख्या में वरिष्ठता सूची के गठबंधन द्वारा तैयार की गई।
- तकनीकी अधिकारी 'ए' से तकनीकी अधिकारी 'बी' में प्रोन्नत करने के लिए तीन लगातार आकलन संचालित किए गए और अब तक 1300 से अधिक लोगों को प्रोन्नत किया जा चुका है।
- इसी तरह, तीन अन्य श्रेणियों के कर्मचारियों की प्रोन्नति के लिए आकलन किया जा रहा है और वह कुछ सप्ताह में पूरा हो जाएगा। प्रोन्नति द्वारा तकनीकी स्टाफ के 3200 से अधिक कर्मचारियों का आकलन किया गया है।.
निदेशक की प्रोफाइल
डा. ए.के. सिंह, वैज्ञानिक 'एफ' 1 जनवरी, 2007 से निदेशक के रूप में नियुक्त हुए। |