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मौजूदा/भावीकार्यक्रमों-परियोजनाओं की रुपरेखा बनाने और उन पर नजर रखने के उद्देश्य से निम्नलिखित क्षेत्रों में कार्यक्रमों और परियोजनाओं की संकल्पना से लेकर सैन्य प्रतिष्ठानों में सफलतापूर्वक उन्हें शामिल करने तक उनका तकनीकी प्रबंधन और उसके साथ सामंजस्य बनाना :
- अधोजल अस्त्र
- अधोजल सेंसर
- नौसैनिक सामग्री, पर्यावरण सुरक्षा और सागरी जीवविज्ञान
- युद्धपोत प्रोद्योगिकी और महासागरी अभियांत्रिकी
- अधोजल पर्वतमालाएं
- आयुध नियंत्रण प्रणाली
- सामुद्रिकी
- पोत तरलगतिकी और संरचना
- ईंधन प्रकोष्ठ
- गोपनीयता प्रोद्योगिकी
- नौसेना की गुणात्मक और मात्रात्मक, दोनों तरह की आवश्यकताओं के मद्देनजर उसके साथ परस्पर आदान-प्रदान और संपर्क और परियोजना प्रस्तावों का प्रबंधन करना और सक्षम अधिकारी से उनको मंजूरी दिलाना।
डीआरडीओ की नौसैनिक प्रयोगशालाओं में विकसित प्रोद्योगिकियों और उत्पादों के मैदानी परीक्षण आयोजित कराने के लिए प्रयोगशालाओं और नौसेना के बीच तालमेल बनाना।
डीआरडीओ की नौसैनिक प्रयोगशालाओं द्वारा संवर्धित प्रोद्योगिकियों और उत्पादों के उत्पादनीकरण के लिए रक्षा उत्पाद विभाग और निजी क्षेत्र के उत्पादकों के साथ संपर्क करना।
- नीतिगत स्तर पर उचित फैसले लेने के लिए डीआरडीओ प्रबंधन और संसदीय समिति-जैसी विभिन्न विधायी समितियों को संबद्ध सूचनाएं प्रदान करना।
- नौसैनिक शोध परिषद (एनआरबी) के कामकाज में सहयोग करना और परिषद की मार्फत देश में नौसैनिक शोध और संवर्द्धन को बढ़ावा देना।
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| एनआरबी के घोषित कर्तव्य इस प्रकार हैं: |
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- नौसैनिक शोध और देश में उसके व्यावहारिक इस्तेमाल को बढ़ावा देने संबंधी सभी मामलों पर समग्र रूप से निगरानी रखना और नियंत्रण करना।
- नये ज्ञान का सृजन करने वालं ऐसे मौलिक शोधों को समर्थन देना जो युवा मस्तिष्कों और हाथों को नौसेना के लक्ष्य साधन के लिए उस ज्ञान के सृजन, उपयोग और उसे व्यवहार में लाने का कारगर ढंग से प्रशिक्षण देने में लाभदायक हों।
- अकादमीय जगत के साथ डीआरडीओ के संबंधों को संचालित करने वाले सिद्धांत और व्यवहार तय करना।
- एनआरबी के पास आने वाली शोध परियोजनाओं के प्रस्तावों पर विचार करना और सम्यक मूल्यांकन करके उन्हें मंजूरी देना।
- नौसैनिक शोध परिषद के शोध पैनलों के लिए कोष निर्धारण प्रतिमान और प्रणाली तय करना और वर्ष भर के उनके खर्च के प्रस्तावों को मंजूरी देना।
- ऐसे शोध कार्यक्रमों को मंजूरी देना जिन्हें किसी शोध पैनल ने हाथ में न लिया हो या जो उनके शोध कार्यक्रमों को अतिच्छादित करते हों।
- उन विशेष शोध कार्यक्रमों या व्यक्तिगत परियोजनाओं की बाबत फैसले लेना पूरे कार्यक्रम या परियोजना के दौरान जिनका अनुमानित खर्च 20 लाख से ज्यादा होता है।
- एनआरबी द्वारा वित्तपोषित शोधों को पूरा करने के लिए आवश्यक खास तौर से डिजाइन किये गये सेंसोरों, उपकरणों, डाटा अदिग्रहम और डिस्प्ले प्रणालियों के संवर्द्धन को फंड देना।
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भारतीय नौ वैज्ञनिकों के बीच सामंजस्य पैदा करने के उपाय तलाशना ताकि उनकी विशेषज्ञता, और ज्ञान के आदान-प्रदान और सुविधाओं के बेहतर इस्तेमाल से राष्ट्रीय परियोजनाओं से होने वाले लाभों को विस्तार दिया जा सके और उसे बढ़ाया जा सके।
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