वाहन अनुसंधान तथा विकास स्थापन का इतिहास वर्ष 1929 से है । जब इसे चीफ इंस्पेक्टोरेट ऑफ मॅकेनिकल ट्रांसपोर्ट (सी आई एम टी) के नाम से जाना जाता था जो चकलाला (वर्तमान में पाकिस्तान) में थी । वर्ष 1947 में यह अहमदनगर में स्थानांतरित हुई तथा इसका नया नाम तकनीकी विकास स्थापन (वाहन) दिया गया । जो कि टी डी ई (वी) के नाम से लोकप्रिय हुआ । वर्ष 1962 में इंजिनियरींग विंग इससे पृथक हो गया तथा पुणे में आर ऍण्ड डी ई (इंजिनियर्स) की स्वतंत्र रुप से स्थापना हुई फिर 1965 में आर ऍण्ड डी तथा इंस्पेक्शन के गतिविधियों को अलग किया गया तथा वर्तमान में वाहन अनुसंधान तथा विकास स्थापन (वी आर डी ई) एवं नियंत्रक वाहन निरीक्षण जो कि अब अस्तित्व में आई (सी आई बी) गुणता आश्वासन वाहन (सी क्यु ए वी) के नाम से जानी जाती है ।
वर्ष 1966 में वी आर डी ई का पृथकीकरण कर आवडी मद्रास में एक इकाई स्थापित की गई । जिसका कार्य भारी वाहन फैक्टरी में निर्मित टैंकों में सहायता, तथा नए ए वाहनों के डिजाईन एवं विकास कार्यों को करना है । दिसम्बर 1971 में वी आर डी ई ने पूर्णतया टैक्ड तथा व्हिल्ड वाहनों की गतिविधीयों का कार्य करना शुरु किया, तथा सी वी आर डी ए वाहनों का कार्य करने लगी । वी आर डी ई ने शुरुआत में 0.5 टन 4x4, 2.5 टन 4x4, 5/7.5 टन 6x6/ 6x4 जी एस वाहनों के डिजाईन संशोधन तथा तकनीकी परीक्षण कार्य प्रारंभ किया, तथा नई तकनीक को अपनाते हुए गत वर्षो से सेना तथा असैनिक वाहनों की जाँच एवं मूल्यांकन हेतु अत्याधुनिक जाँच सुविधाओं से युक्त जाँच परीक्षण ट्रक तथा अत्याधुनिक प्रयोगशालाएँ बनाई ।
वर्ष 1985 में वी आर डी ई को 25 टन जी वी डब्ल्यु तक के हल्के ट्रैक्ड वाहन के डिजाईन तथा विकास का कार्यभार सौंपा गया । एन-कॅट (नेशनल सेंटर फॉर ऑटोमोटिव्ह टेस्टिंग) को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षण केन्द्र के रुप में विकसित किया गया ।
आज वी आर डी ई हल्के व्हिल्ड तथा ट्रैक्ड वाहनों का स्वदेशी डिजाईन एवं विकास का कार्य कर रहा है । एन-कॅट में विभिन्न सहायक संरचनाएं उपलब्ध है जिससे भारतीय आटोमोटिव उद्योग तथा सेना हेतु वाहनों की जाँच एवं परीक्षण किया जा रहा है ।
लक्ष्य विवरण
वी आर डी ई हल्के, ट्रैक्ड तथा व्हिल्ड स्पेशालिस्ट वाहनों के क्षेत्र में एक उत्कृष्ठ केन्द्र के रुप में भूमिका निभा रहा है । जिससे कि सेना सशस्त्र सेना को उनके शस्त्रों तथा उपकरणों को लाने-ले जाने के लिए स्वदेशी होने का समाधान प्राप्त हो रहा है । नेशनल सेंटर फॉर ऑटोमोटिव्ह टेस्टिंग में विश्व स्तर की जाँच सुविधाएँ उपलब्ध है । जिससे सेना तथा ऑटोमोटिव्ह उद्योग को उनके समर्थन तथा विकास के लिए आवश्यक परीक्षण हेतु एक संपूर्ण समाधान प्राप्त हो सके ।
मिशन विवरण
- फ्यूच्यूरिस्टिक इन्फेन्ट्री काम्बॅट व्हेईकल (आइ सी व्ही) का डिजाईन, विकास तथा उत्पादन
- बेसिक लाईट आर्मड व्हिल्ड प्लेटफार्म तथा इसी परिवार के विभिन्न मिशन हेतु कुछ वाहनों का डिजाईन तथा विकास
- आर पी वी हेतु (रेसिप्रोकेटिंग तथा रोटरी) हाई स्पेसिफिक आऊटपुट लाईट वेट इंजिनों का डिजाईन तथा विकास.
- रिमोट तथा स्वचलित मोबाईल प्लेटफार्म का विकास
- स्मार्ट मोबाईल एक्सपान्डेबल तथा सेल्फ डिप्लॉयएबल सेल्टर का डिजाईन, विकास एवं उत्पादन
- निम्न टेक्नालॉजी में सक्षमता
- इंजिन के थर्मल प्रबंधन में
- स्वतंत्र सस्पेशन
- हायब्रीड ड्राईव
- ऑटोमोटिव्ह कंट्रोल तथा इंस्ट्रुमेंटेशन
- मल्टी एक्सल ड्राईव तथा स्टीयरिंग
- नेशनल सेंटर फॉर ऑटोमोटिव्ह टेस्टिंग केन्द्र में परीक्षण तकनीकियों तथा परीक्षण सुविधाओं में लगातार विकास एवं संवर्धन करना ।
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