डॉ. सी एल धमेजानी वर्ष 1976 में डी आर डी ओ में नियुक्त हुए । वे सेना तथा असैनिक वाहनों के प्रणाली, अनुसंधान, डिजाईन, विकास एवं मूल्यांकन कार्य से जुडे । हाल ही में सेना में प्रयुक्त एम ए एन इंजिन की डिजाईन में विकास का कार्य उनकी कई उपलब्धियों में से एक है । अन्य उपलब्धियों मे हाई एल्टीटयुड क्षेत्रों में चलनेवाले वाहनों के लिए ऑटोमोटिव्ह इंजिन की टरबोचार्जिंग, इंजिन कूलंट से अनुपयुक्त हीट का प्रयोग करते हुए मोबाइल अप्लीकेशन में क्रयु कम्फर्ट हेतु हिटींग सिस्टम, तथा यु ए वी (तथा आर पी वी) अप्लीकेशन के लिए टू स्ट्रोक इंजिनों का विकास ।
निदेशक का पदभार ग्रहण करने से पूर्व वे स्थापन के अन्य उत्तरदायित्वों के साथ साथ व्हील्ड वाहन विभाग के प्रभाग प्रमुख भी थे । इस अवधि के दौरान कुल 25 सर्वत्रा ब्रिजींग वाहनों का उत्पादन किया गया है तथा सेवा में प्रयुक्त किया गया । एक तकनीकी प्रदर्शक लाइट आर्मड व्हील्ड वाहन विकसित किया गया । टेक्टीकल वेपन सिस्टम को वहन करनेवाले वाहनों के साथ साथ इन्फेन्ट्री काम्बेट वाहन (अभय) के लिए स्वदेशी इंजिन एवं कूलिंग सिस्टम के विकास कार्य से भी जुडे रहे ।
यु ए वी - हेतु टू स्ट्रोक इंजिन टेक्नालॉजी का विकास करने के लिए उन्हें वर्ष 2004 का वैज्ञानिक पुरस्कार से सन्मानित हुए । उन्होंने राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं सेमिनारों में कई अनुसंधान पेपर प्रस्तुत किए हैं । ऑटोमोबाइल इंजिन (सं. 861223) के कार्य निष्पादन में फायरिंग आवृत्ती का महत्वपूर्ण योगदान यह उनका प्रथम अंतर्राष्ट्रीय पेपर था । वे सोसायटी ऑफ ऑटोमोटिव्ह इंजिनियर्स (इंडिया) के सदस्य हैं तथा इंन्स्टिटयुशन ऑफ इंजिनियर्स, कलकत्ता के अधिसदस्य हैं ।
दूरभाष - +91 - 241- 2544004
पता - वाहन अनुसंधान तथा विकास स्थापन, (वी आर डी ई)
पोस्ट ऑफिस - वाहन नगर, अहमदनगर. (M.S.) - 414 006 (भारत).
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