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- दिनांक 26 - 28 सितंबर 1994 तक, अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी (हिम संगोष्ठी) “हिम तथा संबंधित अभिव्यक्तियों”।
- दिनांक 26 - 27 सितंबर 1997 तक, कार्यशाला “अवधाव पूर्वानुमान की यथार्थता को कैसे सुधारें? “।
- दिनांक 27 - 28 मार्च 1998 तक, उपभोक्ता से परस्पर सक्रिय बैठक “अवधाव नियंत्रण के उपाय और कृत्रिम अवधाव गिराना“।
- श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर) की मुख्यालय 15 कोर, में दिनांक 12 - 13 नवंबर 1998 तक “अवधाव की जानकारी“ पर कार्यशाला।
- मुख्यालय, हिम तथा अवधाव अध्ययन संस्थान, मनाली (हिमाचल प्रदेश) में दिनांक 28 - 29 अप्रैल 1999 तक, “अवधाव प्रतिसूचना प्रसार कार्यशाला“। (998-1999)
- दिनांक 29 - 30 अक्तूबर 1999 तक, “राष्ट्रीय हिम विज्ञान कार्यशाला“।
- श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर) में दिनांक 12 - 13 नवंबर 1999 तक “अवधाव की जानकारी न्न पर कार्यशाला“।
- मुख्यालय, हिम तथा अवधाव अध्ययन संस्थान, मनाली (हिमाचल प्रदेश) में दिनांक 24 - 25 अप्रैल 2000 तक, “वर्ष 1999-2000 की अवधाव प्रतिसूचना प्रसार कार्यशाला“।
- मुख्यालय, हिम तथा अवधाव अध्ययन संस्थान, मनाली (हिमाचल प्रदेश) में दिनांक 08 - 10 जुलाई 2000 तक, नूबरा घाटी के बर्फीले क्षेत्रों में “अवधाव से सुरक्षा, बचाव एवं संचलन पर कार्यशाला”।
- श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर) के मुख्यालय 15 कोर, में दिनांक 15 - 16 अक्तूबर 2000 तक “अवधाव की जानकारी” पर कार्यशाला।
- मुख्यालय, हिम तथा अवधाव अध्ययन संस्थान, मनाली (हिमाचल प्रदेश) में दिनांक 30 अप्रैल - 01 मई 2001 तक, “वर्ष 2000-2001 की अवधाव प्रतिसूचना प्रसार कार्यशाला”।
- दिनांक 08 नवंबर 2001 को मैसो स्केल प्रतिरुपक के आधार पर पर्वतीय मौसम पूर्वानुमान और अवधाव पूर्वानुमान की उपयोगिता को और अधिक बेहतर बनाने के लिए कार्यशाला।
- दिनांक 09 नवंबर 2001 को हिम एवं बर्फ की सुदूर संवेदक तकनीकी एवं उपयोगिता के आधार पर “हिमाच्छादित आंकलन तथा संरचना नियंत्रण कार्यशाला“।
- अनुसंधान एंव विकास केंद्र, चंडीगढ में दिनांक 27 - 28 फरवरी 2002 तक आनेवाली पीढी क़े लिए “विज्ञान का महत्व पर कार्यशाला“।
- मुख्यालय, हिम तथा अवधाव अध्ययन संस्थान, मनाली (हिमाचल प्रदेश) में दिनांक 27 - 28 फरवरी 2002 तक, “अवधाव प्रतिसूचना प्रसार कार्यशाला“।
- श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर) के कूपवाड़ा में 15 कोर के सैन्यबलों को दिनांक 02 - 13 सितंबर 2002 तक “अवधाव की जानकारी“ पर कार्यशाला न्न।
- श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर) के द्रास में 14 कोर के सैन्यबलों को दिनांक 02 - 13 सितंबर 2002 तक “अवधाव की जानकारी“ पर कार्यशाला।
- मुख्यालय, हिम तथा अवधाव अध्ययन संस्थान, मनाली (हिमाचल प्रदेश) में दिनांक 31 अक्तूबर - 02 नवंबर 2002 तक, कार्यशाला “डी.पी.सी. प्रक्रिया एवं संबंधित जानकारी“।
- जम्मू-कश्मीर में द्रास के अधिकारियों, जे.सी.ओ. तथा सैनिकों को दिनांक 28 - 31 अक्तूबर 2002 तक “अवधाव की जानकारी“ पर कार्यशाला।
- अनुसंधान व विकास केंद्र, चंडीगढ में दिनांक 07 जनवरी 2003 को “शैक्षणिक संस्थान के साथ परस्पर व्यवहार“ पर कार्यशाला।
- मुख्यालय, हिम तथा अवधाव अध्ययन संस्थान, मनाली में दिनांक 12 - 16 अप्रैल 2004 तक “अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी - हिम तथा अवधाव का अनुवीक्षण“।
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