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हिम तथा अवधाव अध्ययन संस्थान (सासे) की स्थापना सन् 1969 में मनाली के समीप हुई है। यह संस्थान सशस्त्र सेनाओं को न केवल बर्फीले पहाड़ी क्षेत्र में युध्द करने तथा रहने के लिए, हिम तथा अवधाव के खतरों से संघर्ष करने की जानकारी देकर सहायता करता है, बल्कि बर्फीले पहाड़ी क्षेत्रों में समाज के आर्थिक विकास के लिए एक कदम है। शुरु-शुरु में, हिम तथा अवधाव अध्ययन संस्थान (सासे) का कार्य भारतीय हिमालय में बर्फीले क्षेत्रों के राजमार्गों की पर्वत-श्रृंखलाओं की हिम तथा अवधाव की समस्याओं का अध्ययन करना था। |
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| इसके उपरांत विभिन्न सड़कों का अध्ययन किया। सत्तर के दशक के मध्य में अवधाव पूर्वानुमान के बारे में प्रयोगात्मक अध्ययन किया गया। अस्सी के दशक प्रारंभ होने से पूर्व बड़ी परियोजनाओं में कार्य करने पर इसकी पूर्णतय: पुन: स्थापना की गई। आजकल,हिम तथा अवधाव अध्ययन संस्थान (सासे),अनुसंधान व विकास केंद्र, हिम परिसर, सेक्टर 37 ए, चंडीगढ में कार्य कर रहा है। |
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