| अवधाव नक्शा बनाना |
| जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश तथा उत्तरांचल के विभिन्न उच्च राजमार्गों और सड़कों में आने वाले अवधावों का अध्ययन कर लिया गया है। अवधाव द्वारा प्रभावित इन उच्च राजमार्गों में हिम अवधाव पथ, हिम संचय, बर्फीले क्षेत्र तथा बार-बार आने वाले अवधावों की जानकारी प्राप्त कर ली है। |
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सार्वजनिक नागरिकों को अवधाव से जागरुकता तथा मृत्युदर कम करने के लिए जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तरांचल के चुनिंदा क्षेत्रों में अवधाव पूर्वानुमान की चेतावनी को समाचार प्रसारण संस्थाओं तथा अखिल भारतीय रेडियो द्वारा प्रसारित किया जाता है।
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| अवधाव एटलस |
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| अवधाव एटलस में बार-बार अवधाव आने वाले क्षेत्रों में होने वाली बड़ी क्षति के लिए अवधाव नियंत्रण के उपाय प्रकाशित किए हैं। |
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| स्वचालित मौसम केंद्र |
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| जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तरांचल के उँचाई वाले क्षेत्रों में स्वचालित मौसम केंद्र की स्थापना, हिम तथा मौसम-विज्ञान के आंकड़े निरंतर प्राप्त करने के लिए की है। इन सभी स्वचालित मौसम केंद्रो के आंकड़े, अनुसंधान व विकास केंद्र, चंडीगढ क़े कार्यालय में, अंकीय पृथ्वी अभिग्राही केन्द्र। |
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| वेधशाला |
| जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तरांचल के उँचाई वाले क्षेत्रों में अवधाव पूर्वानुमान के सहयोग के लिए हिम तथा मौसम विज्ञान के आंकड़े प्राप्त करने के लिए वेधशाला की स्थापना की गई है। |
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| अवधाव पूर्वानुमान |
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| अवधाव आने के लिए निम्नलिखित पूर्वानुमान संभावित हैं। |
| क) अवधाव चेतावनी बुलेटिन |
| सार्वजनिक नागरिकों को अवधाव से जागरुकता तथा मृत्युदर कम करने के लिए जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तरांचल के चुनिंदा क्षेत्रों में अवधाव पूर्वानुमान की चेतावनी को समाचार प्रसारण संस्थाओं तथा अखिल भारतीय रेडियो द्वारा प्रसारित किया जाता है। |
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| ख) हिम - मौसम विज्ञान संबंधित आंकड़ा संग्रह |
| जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तरांचल के उँचाई वाले क्षेत्रों में स्थापित विभिन्न वेधशालाओं से प्राप्त आंकड़ों को भविष्य में अनुसंधान कार्य के लिए, हिम-मौसम विज्ञान संबंधित आंकड़ों का संग्रह केंद्र बना लिया है। |
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| अवधाव नियंत्रण संरचना |
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अवधाव आने वाले दुर्गम क्षेत्रों मेंतीनों अवधाव पथों के लिए अवधाव नियंत्रण संरचना की रुपरेखा बना कर पूर्ण कर ली गई है। अवधाव के उद्गम क्षेत्रों में स्नो रैक, स्नो ब्रिज तथा स्नो नेट का निर्माण किया गया। अवधाव के मध्य-पथ में मोड़दार बांध और गति रोधक संरचना का निर्माण किया गया। अवधाव पथ के अंतिम चरण में टीले और अवरोधक बांध का निर्माण किया गया। हिमाचल प्रदेश में अवधाव नियंत्रण के लिए अवधाव पथों के मध्य क्षेत्र में स्नो गैलरी का भी निर्माण हो चुका है। |
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| कृत्रिम विस्फोट द्वारा अवधाव |
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विभिन्न पध्दतियों के आधार पर कृत्रिम विस्फोट द्वारा अवधाव गिराने का प्रयोग भी पूरा हो चुका है। |
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| सड़क को बर्फ से रहित रखना |
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| सड़क को बर्फ से रहित रखने के लिए विभिन्न प्रकार से बर्फ पिघलाने की कार्यप्रणालियों को विकसित किया गया है। |
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| हिम जल विज्ञान |
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| हिम को द्रवित करने से ऊर्जा संतुलन के आधार पर व्यास नदी के जलग्रह पर अध्ययन किया गया। |
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| उपकरण |
सुदूर क्षेत्रों में -40 डिग्री सैंटीग्रेड तक के तापमान में कार्य करने के लिए स्वचालित मौसम केंद्रों का विकास किया गया। इन उपकरणों के द्वारा आंकड़ो का अभिलेख और संचारण सफलतापूर्वक किया गया। |