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य.अं.वि.सं., देहरादून, रक्षा सेनाओं के लिए अत्यावश्यक, एवं परिष्कृत प्रकाशीय और विद्युत प्रकाशीय उपकरणों के क्षेत्र में अनुसंधान, अभिकल्पन, विकास तथा प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के लिए समर्पित एक अग्रणी संस्था है। य.अं.वि.सं. का उद्भव बहुत पहले सन् 1939 में रावलपिंडी ( अब पाकिस्तान में ) में वैज्ञानिक सामग्री निरीक्षणालय की स्थापना के रूप में हुआ था,जिसका उत्तरदायित्व सेना द्वारा उपयोग में लाए जाने वाले दूरसंचार उपकरणों का निरीक्षण करना था। |
| उस समय यह ए एच एस पी (अथॉरिटी फॉर होंल्डिंग सील्ड पर्टिकुलर्स) का कर्तव्य निभा रहा था। यह ए एच एस पी, तकनीकी विकास संस्थान (यंत्र एवं इलैक्ट्रॉनिक्स)बनने तक बहुत से सांगठनिक परिवर्तनों से गुजरा। इसके कार्य-क्षेत्रों में यंत्रों और इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में ए एच एस पी तथा अनुसंधान एवं विकास दोनों कार्य सम्मिलित हुए और इसकी स्थापना देहरादून में हुई। तदनंतर आने वाले वर्षों में यह संस्थान अपने ए एच एस पी तथा अनुसंधान एवं विकास के कुछ उत्तरदायित्वों को कम करते हुए फरवरी 1960 में आज की वर्तमान स्थिति में आया। |
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