| त्वरित जल परीक्षण किट
सेना की इकाईयों और अन्य सेवाओं के द्वारा र० अ० प्र० त्वरित जल परीक्षण किट की काफी संख्या में मांग की गयी हैं। पूर्व निर्धारित अनुसंधान एवं विकास कार्यो में व्यस्त रहने और कई तरह की तकनीकी समस्याओं के बाद भी र० अ० प्र० ने अपने श्रेष्ठ प्रयासों से सही समय पर इन मांगों को पूरा किया है।
लौह निष्कासन इकाई
पूर्वोत्तर भारत के पेयजल में आवश्यकता से अधिक लौह पदार्थों का मिलना एक विकट समस्या हैं। इसके कारण आम उपभोक्ताओं को शुद्ध पेय जल की आपूर्ति करना दुष्कर कार्य है। बहु संख्य नयी प्रोद्योगिकी के इजाद होने के बावजूद यह समस्या जस की तस है।
र० अ० प्र०,तेजपुर ने सैन्य छावनिओं एवं घरेलू उपयोग के लिये एक लौह निष्कासन इकाई का विकास किया है,जिसका प्रयोग और रखरखाव बहुत ही आसान है। इस इकाई से ३०० लीटर प्रति घन्टे की दर से शुद्ध जल प्राप्त होता है। इकाई से आसानी से लौह युक्त कीचड़ को बाहर निकालने के लिये कपाट लगायें गये हैं ताकि इकाई की नियमित रुप से सफाई हो सके। इस इकाई मे उच्च लौह मात्रा युक्त पानी के शुद्धीकरण करने पर पानी मे लौह की मात्रा को विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानक (०.३० ppm) तक आसानी से कम किया जा सकता है। पूर्वी कमान,कोलकाता को २०० इकाई ओं की आपूर्ति की गयी है और ये इकाई यां सैन्य सेवाओं के द्वारा संतोषप्रद ढंग से प्रयोग की जा रही है।
जल के नमूनों का विश्लेषण
जल-जनित्र रोगों से छुटकारा पाने के लिए जल की गुणवत्ता को सुनिश्चित करना एक मूल आवश्यकता है। जल जनित्र रोग उपभोक्ता को बुरी तरह से प्रभावित करते हैं। इस क्षेत्र की कई स्थापनाओं एवं सेवाओं के द्वारा जल के भौतिक-रसायनिक एवं जैविक परीक्षण करने के लिए र० अ० प्र० तेजपुर मे उपलब्ध सुविधाओं का उपयोग किया जा रहा है।
छावनियों में मलेरिया का नियंत्रण
४ कोर्पस् मुख्यालय के अधीन स्थित लामा-छावनी का निम्नलिखित उपायों के द्वारा मलेरिया-मुक्त छावनी-क्षेत्र के रुप में रखरखाव किया गया।
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परजीवी नियंत्रण
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रोगवाहकों का नियंत्रण
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लार्वा
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वयस्क
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व्यैक्तिक सुरक्षा उपाय
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मलेरिया सजगता कार्यशालाओं का आयोजन
पारिस्थितिकी-पर्यावरण |