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| संस्था/संगठन |
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अनुसंधान एवं विकास कार्यक्रम |
भारतीय रसायन-जैविकी संस्थान, कोलकाता
(आइ आइ सी बी) |
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चिन्हित पादप् सामग्रीओं का मच्छरों के लार्वानाशी और अपवारक के रुप में चरित्रीकरण |
भारतीय रसायनिक प्रोद्योगिकी संस्थान, हैदराबाद (आइ आइ सी टी) |
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मलेरिया के सघन संक्रमन का पूर्वानुमान के लिये कंप्यूटर साफ्टवेयर का विकास |
मलेरिया अनुसंधान केन्द्र, दिल्ली (एम आर सी) |
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जैविक प्रति-मलेरिया द्रव्यों का पशु प्रदर्शों पर और प्रयोगशाला संवर्धन के द्वारा चिन्हीकरण
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पौधों के अर्कों का उनके प्रति-मलेरिया गुणों के लिये परीक्षण
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तेजपुर विश्वविद्यालय (टी०यु०), तेजपुर |
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जल, परजीवी संवर्धन, डी एन ए का अनुक्रमीकरण और नियंत्रित निर्गमन नुस्खे पर सम्मिलित कार्य |
भारतीयार विश्वविद्यालय , कोयम्बटुर (बी यू) |
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रोगवाहक मच्छरों के नियंत्रन में वनस्पतिओं और बीटी टाक्सिन का प्रभाव |
पूर्वोत्तर क्षेत्रीय जल एवं भूमि प्रबंधन संस्थान (नेरीवालम),तेजपुर |
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असम के तराई क्षेत्रों के मलेरिया संभावित क्षेत्रों के चिन्हीकरण के लिये दूर-संवेदी तकनीक का उपयोग |
| सरदार पटेल विश्वविद्यालय, बल्लभ विद्यानगर, गुजरात |
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I
आर्सेनिक विषाक्तता एवं उपचार के साथ कुछ सूक्ष्म पोषक तत्वों जैसे फ्लोरीन, जस्ता एवं सेलेनियम का पारस्परिक संबन्ध। |
| क्षेत्रीय अनुसंधान प्रयोगशाला, त्रिवेंद्रम |
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स्वदेशी पादपों से प्रति-मलेरिया औषधिओं की खोज। |
| असम कृषि विश्वविद्यालय, जोरहाट |
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I
असम में सब्जियों की बीमारियों के कारक फफूँदों का सर्वेक्षण, संग्रह, चिन्हीकरण, चरित्रीकरण, संरक्षण, रखरखाव एवं उपयोग। |
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