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| दृष्टि |
- पूर्वोत्तर भारत के लोगों के स्वास्थ्य एवं स्वास्थ्य-विज्ञान के लिये कालजयी तकनीकों की खोज करना।
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| उद्देश्य |
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इस प्रयोगशाला को पूर्वोत्तर भारत के लोगों के स्वास्थ्य एवं स्वास्थ्य-विज्ञान के लिये तकनीकों की खोज करनेवालों के नेतृत्वकर्त्ता के रूप में स्थापित करना।
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| मुख्य निपुणता |
- मलेरिया एवं इसके कारकों की रोकथाम।
- पूर्वोत्तर भारत के प्राकृतिक संसाधनों का समुचित उपयोग।
- चिकित्सीय गुणों वाले पौधों का अध्ययन।
- जल की गुणवत्ता एवं पेयजल तकनीकों का अध्ययन।
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| प्रयोगशाला की दृष्टि, उद्देश्य एवं मुख्य निपुणता के आधार पर मुख्य कार्यक्षेत्र: |
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- क्षेत्र के कीटों का अध्ययन एवं उनके रोकथाम के उपायों की खोज।
- जल की गुणवत्ता का परीक्षण एवं इसकी सतत् निगरानी।
- जल मे लौह के मात्रा की निगरानी एवं इसका निदान।
- खर-पतवार एवं कीटों को नष्ट करने का एकीकृत प्रयास।
- पूर्वोत्तर भारत की जैव-विविधताओं का कारक-जनित रोगों एवं अन्य मर्जों के
निराकरण के लिये उपयोग।
- प्रयोगशाला एवं देश के अन्य भागों मे उपलब्ध विशेषज्ञता का प्रशिक्षण, परामर्श एवं विस्तारीकरण।
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