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डीईएसआईडीओसी में अपने कार्यकाल के दौरान वे सीडी-रोम और ऑनलाइन
प्रकाशनों सहित डिजीटल पुस्तकालय बनाने के लिए जिम्मेदार थे।
उन्होंने पुस्तकालय होल्डिंग्स के डेटाबेस, डीआरडीओ टीआईसी की
आवधिक होल्डिंग्स के यूनियन कैटालॉग के विकास और पुस्तकालय और
तकनीकी सूचना केंद्र के प्रबंधन की प्रक्रियाओं संबंधी डीआरडीओ
मैनुअल प्रकाशित करने में मार्गदर्शन किया । वे लगभग नौ वर्षों तक
डीआरडीओ प्रकाशनों के संपादन और उत्पादन कार्य से जुड़े हुए थे।
उन्होंने डीईएसआईडीओसी के प्रकाशन कार्य में सूचना प्रौद्योगिकी,
कंप्यूटर और डीटीपी का प्रयोग आरंभ किया। वर्ष 1991 में डिफेंस
साइंस जर्नल प्रयुक्त वर्ड प्रोसेसिंग सॉफ्टवेयर के बाबजूद
कंप्यूटर स्क्रिप्ट प्रारूप में अनुसंधान लेख स्वीकार करने वाली
भारत में पहली पत्रिका बनी। उनके द्वारा नए प्रकाशन जैसे
टेकनॉलॉजी फोकस; डीआरडीओ मोनोग्राफ्स एवं विशेष प्रकाशन शुरू
किए गए। उन्होंने डीईएसआईडीओसी में संसाधनों के अधिकतम प्रयोग के
लिए कई नई सेवाएं शुरू कीं। उन्होंने डीआरडीओ इंटरानेट पर डीआरडीओ
द्वारा प्रदत्त 26 सेवाओं के लिए एकल-विंडो ब्राउज सुविधा के
माध्यम से डीआरडीओ के सभी वैज्ञानिकों के लिए वेब-आधारित जानकारी
सेवा और इंटरनेट के माध्यम से ऑनलाइन पत्रिका सुलभ की।
डीआरडीएल में उन्होंने कई पुस्तकालय सेवाएं, वेब-आधारित और
परियोजनोन्मुखी जानकारी सेवाएं आरंभ कीं। उन्होंने ऑनलाइन जर्नल और
ई-बुक्स तक पहुंच प्रदान करने के साथ 2 लाख से अधिक दस्तावेजों की
एक डिजिटल पुस्तकालय स्थापित की। उन्होंने वैज्ञानिकों के डेस्कटॉप
पर चौबीसों घंटे डिजिटल पुस्तकालय सुलभ करने के लिए अवसंरचना सृजित
की, जिससे डीआरडीओ को यह लक्ष्य प्राप्त करने वाला पहला संगठन बना
है।
वे
सरकारी लाइब्रेरियन एवं सूचना विशेषज्ञ
संघ
(एजीएलआईएस); पुस्तकालय विज्ञान एवं
प्रलेखीकीकरण
संघ
(एएलएसडी); भारतीय विशेष पुस्तकालयों एवं सूचना केंद्र
संघ
(आईएएसएलआईसी); भारतीय पुस्तकालय संघ
(आईएलए); भारतीय भौतिक विज्ञान संस्था (आईपीए); भारतीय विज्ञान
लेखक संघ
(आईएसडब्ल्यूए);
सूचना विज्ञान सोसाइटी (एसआईएस); और तेलुगू में विज्ञान लेखक संघ
(स्वाती) के आजीवन सदस्य हैं। वे वर्ष 1992 से
नेशनल ज्योग्रफिक
सोसाइटी, अमेरिका और रंगानाथन
अनुसंधान सरकल,
नई दिल्ली के भी सदस्य हैं।
वे एनआइएससीअआइआर, आइसीएमआर, एरोस्पेस रिसोर्सेज पेनल, इत्यादि
विभिन्न संस्थानों की विशेषज्ञ समिति के सदस्य हैं । सैन्य वह
विभिन्न भरती बोर्डों के लिए विशेषज्ञ सदस्य तथा कुछ
विश्वविद्यालयों के रिसोर्स पर्सन भी रहे हैं. वे बोधिक सम्पदा
अधिकारों के क्षेत्र मे,
विशेषकर कापीराईट मे मान्यताप्राप्त विशेषज्ञ हैं . उन्होंने कुछ
विशेष प्रकाशनों के अलावा 40 पत्र प्रकाशित किए, 17
पुस्तकें/सम्मेलन कार्यवाहियां प्रकाशित की हैं । वह चार
विश्वविद्यालयों/संस्थानों के पेपर सेटर/मूल्यांकनकर्ता हैं तथा एस
वी विश्वविद्यालय, तिरूपति तथा एन आइ एस ए आई आर, नई दिल्ली के
बोर्ड में हैं ।
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