| जबसे इन्होंने डीईबीईएल में कार्य करना आरंभ किया है तब से इन्होंने बहुत से अनुसंधान व विकास कार्यों का भी नेतृत्व किया है जैसे रक्षा सेवाओं के लिए एरो-मेडीकल जीवन रक्षक प्रणाली, सुरक्षात्मक उपस्कर तथा बायोमेडीकल उपकरण आदि ।<
डीआरडीओ से इन्हें कई पुरस्कार भी मिले हैं जैसे वर्ष 2001 में आत्मनिर्भरता के लिए उत्कृष्टता हेतु अग्नि पुरस्कार, वर्ष 2003 में पेराट्रूपर के लिए कम्बेट फ्री कॉल ऑक्सीजन सिस्टम एवं सुरक्षात्मक उपस्कर के सफल विकास के लिए टेक्नोलॉजी ग्रुप अवार्ड तथा वर्ष 2004 के सर्वश्रेष्ठ वैज्ञानिक अवार्ड आदि ।
वे इंडियन सोसायटी फॉर स्मार्ट स्ट्रक्चर्स के सदस्य हैं तथा इंडियन नेशनल सोसायटी फॉर एरोस्पेस एण्ड रिलेटिड मेकेनिज्म एरोनॉटीकल सोसायटी ऑफ इंडिया के आजीवन सदस्य हैं । इन्हें राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की पत्रिकाओं में 30 से भी अधिक प्रकाशनों का भी सौभाग्य प्राप्त है।
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