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उड़ान पोशाक, वायुयानकर्मियों के लिए सुरक्षात्मक उपस्कर स्वचालित वायु भरने वाली जीवनरक्षक जैकेट और एलसीए के लिये विशेष तौर पर विकसित की गई गारटर लेग नियंत्रक । एफआर डांगरी, एकीकृत हेलमेट, दाबयुक्त सांस लेने वाली ऑक्सीजन मॉस्क, तथा एलसीए पाइलटों द्वारा पहले से ही प्रयोग किए जाने वाले मार्क-।।। दस्ताने । इनका प्रयोग टेक्नोलॉजी प्रदर्शन उड़ानों में किया जाता था । इस क्षेत्र में पिछले बीस वर्षों में विकसित की गई वस्तुओं में बाह्य सुरक्षात्मक हेलमेट मार्क-।।, दाबयुक्त सांस लेने वाली ऑक्सीजन मॉस्क मार्क-। व मार्क-।।, मिग-21 वायुयान में कटअवे के रूप में प्रयुक्त एंटी जी सूट मार्क-।।, सी-हेरियर वायुयान में प्रयुक्त एंटी जी सूट मार्क-।।।, उड़ान दस्ताने मार्क-।।, फ्लाइंग ओवरआल मार्क-।।, रूस निर्मित वायुयानों के लिए अधिक ऊँचाई पर उड़ने के लिए |
| प्रेशर सूट, रूस निर्मित वायुयानों के लिए अधिक ऊँचाई पर उड़ने के लिए प्रेशर जुराब, रूस निर्मित वायुयानों के लिए अधिक ऊँचाई पर उड़ने के लिए प्रेशर दस्ताने, पेराशूट जंपिंग अनुदेशक के लिए हेलमेट (पीजेआई), ओवरआल पीजेआई, बूट पीजेआई, एलसीए, जगुआर, मिराज और मिग-27 के लिए एंटी जी-सूट मार्क-IV सम्मिलित हैं । स्वचालित वायु भरने वाली जैकेट वज़्र वायुयान की कसौटी पर पूर्णतया खरी उतरी है । इसे नौसना ने भी अपने सी-हेरियर यान के लिए स्वीकृत कर उत्पादन करना आरंभ कर दिया है। |
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एनबीसी उपस्कर जिसमें कृत्रिम श्वासयंत्र, एकीकृत हुड मास्क तथा श्वसन मास्क आदि आते हैं और इनका व्यापक स्तर पर उत्पादन किया जा रहा है ।
1. कृत्रिम स्वासयंत्र अथवा रिससिटेटर : यह एक महत्वपूर्ण चिकित्सा उपकरण है जिसका प्रयोग रासायनिक युद्ध के समय सैनिकों की श्वसन प्रणाली के रुक जाने पर उन्हें प्राथमिक उपचार देने के लिए किया जाता है।
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एकीकृत हुड मास्क रासायनिक व जैविक युद्ध में प्रयुक्त घटकों से सुरक्षा प्रदान करता है । इसका उपयोग विशेष रूप से उन सैनिकों के लिए किया जाता है जिन्हें युद्ध में चेहरे पर अत्यधिक चोट, घाव खरोंच आदि आ जाती हैं । इसके अतिरिक्त इसका उपयोग उन सैनिकों द्वारा भी किया जाता है जिनके मस्तक पर परका लगा होता है ।
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एनबीसी कृत्रिमश्वसन मास्क श्वसन तंत्र और चेहरे को रासायनिक व जैविक युद्ध घटकों से सुरक्षा प्रदान करता है |
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एचएपीओ चैम्बर : डीईबीईएल द्वारा तैयार किया गया एकल पुरुष एचएपीओ चैम्बर प्राथमिक चिकित्सा का एक हल्का उपकरण है जो अधिक ऊँचाई वाले पलमानरी ऑडीमा सहित विभिन्न मापदंडों वाली गंभीर पर्वतीय बीमारी की चिकित्सा में प्रयोग किया जाता है । यह उपकरण रोगी के आसपास वायुदाब में वृद्धि करने वाले साधारण किंतु प्रभावी सिद्धांत पर कार्य करता है । इससे ऊँचाई में उतार का एहसास (सिमुलेशन) स्थापित हो जाता है । रोगी को चैम्बर के अंदर रखा जाता है । इस चैम्बर में 130 मिमि. Hg तक वायु भरी जा सकती है और इस प्रकार भौतिक हलचल किए |
| बिना 8000 फुट तक की ऊँचाई के एहसास को समायोजित कर लिया जाता है । हाल ही में एक नया, उच्च आयतन और पूर्णतया स्वचालित चैम्बर एचएपीओ का नक्शा तैयार कर विकसित किया गया है । अधिक ऊँचाई पर रहने वाले उपभोक्ताओं की संतुष्टि के लिए इसका परीक्षण किया जा रहा है । इसकी स्वचलित पावर कंट्रोल यूनिट में एसी विद्युत से चलने वाला एक संपीडक लगाया गया है जो एसी पावर प्रणाली पर चलने वाली मशीन में वायु भर सकता है और अपेक्षित वायुदाब बनाए रख सकता है । एसी विद्युत न मिलने की स्थिति में बैटरी अथवा इनवर्टर की मदद से चैम्बर को दो घंटे से अधिक की अवधि तक चलाया जा सकता है । एचएपीओ चैम्बर का उपयोग पर्वतारोही भी कर सकते हैं । .
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आईएसओ 9001-2000 प्रमाणित |
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