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निदेशालय का प्राथमिक उद्देश्य संग्राम वाहन और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में आत्म-निर्भरता की प्रगतिशील उपलब्धि के लिए प्रौद्योगिकी का प्रबंधन करना है। शस्त्र प्रणालियों और इंजीनियरिंग उपकरणों/प्रणालियों के साथ उपयोगकर्त्ताओं की संतुष्टि और प्रौद्योगिकी के उत्पादन इकाइयों में स्थानांतरण के माध्यम से उनके उत्पादनीकरण के लिए उनसे जुड़ी प्रौद्योगिकियों के विकास पर जोर दिया गया है। अवधाव की सटीक भविष्यवाणी और बर्फ तथा अवधाव के क्षेत्र में वैज्ञानिक अध्ययन एवं प्रयोगात्मक कार्य करने के द्वारा अवधाव के नियंत्रण की तकनीकों के विकास पर भी जोर है। निदेशालय के कार्यों का सारांश नीचे दिया गया है :-
- डीआरडीओ मुख्यालय में ट्रैकयुक्त/पहिए वाले संग्राम वाहनों और उनके विभिन्न मॉडल, इंजीनियरिंग प्रणालियां/उपकरण और हिम अध्ययन की समस्त जिम्मेदारी।
- उन चारों प्रतिष्ठानों को सहायता देना और समर्थन प्रदान करना जो योजनाओं के सूत्रीकरण, समकक्ष समीक्षा करना और आवश्यक निधियों/संसाधनों के साथ आबंटित होने वाली परियोजनाओं/कार्यक्रमों के माध्यम से भावी कार्यक्रमों का निरूपण करने के रूप में इसके दृष्टि-क्षेत्र के अंतर्गत आती हैं।
- विकास, परीक्षण, दोष विश्लेषण और उत्पादन के सभी चरणों पर उपयोगकर्त्ताओं, अंतर सेवा संगठनों और प्रणाली आपूर्तिकर्ताओं के साथ घनिष्ठ मेल-जोल रखना।
- अड़चनों/मध्यावधि संशोधनों के प्रभाव को दूर कर परियोजनाओं को सफलतापूर्वक संपन्न करने के लिए विकास परियोजनाओं और कार्यों का प्रतिष्ठानों के साथ आगे-पीछे समीक्षा एवं पर्यवेक्षण करना
- उचित नर्णय लेने एवं सार्वजनिक लेखा समिति, सुरक्षा पर स्थायी समिति, आकलन समिति इत्यादि जैसी संबंधित वैधानिक निकायों के लिए विविध परियोजनाओं की स्थिति पर डीआरडीओ प्रबंधन को नीतिगत स्तर पर सूचना प्रदान करना।
- शस्त्र प्रणालियों के क्षेत्र में स्थित विविध समितियों में डीआरडीओ का प्रतिनिधित्व करना।
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